
महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार को देशव्यापी छापे में जिन पांच वामपंथी बुद्धिजीवियों को गिरफ्तार किया है अगर वे सचमुच प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश करने में शामिल थे तो उन्हें कठोरता पूर्वक दंडित किया जाना चाहिए। इसके विपरीत अगर यह कार्रवाई चुनाव से पहले किसी तरह की राजनीतिक सनसनी फैलाने और उसका लाभ लेने के लिए की गई है तो इसके विरुद्ध देश के विपक्षी दलों और संवैधानिक संस्थाओं को एकजुट होकर संविधान में प्रदत्त मानवाधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष करना चाहिए।
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